ब्राह्मण लीला

👉बीरबल को हम लोग को पढ़ाया जाता है कि वो बडा विद्वान और सूझबूझ वाला ब्राह्मण था बचपन में तो हम लोगों को भी यही लगता था लेकिन अब समझ में आता है कि जिन दिनों में ज्यादातर हिन्दुओं में बहादुर लोग अपनी धर्म और जातीय स्स्वाभिमान के लिए लड़ रहे थे उन दिनों ये बीरबल (ब्राह्मण) मुगलों के पैर का तलवा चाट रहा था,,😝
बीरबल (ब्राह्मण) ही नहीं, तानसेन पंडित, टोडरमल (बनिया) राजपूत राजा मान सिंह और बहुत से राजपूतानें के राजा अपनी बहन बेटियों की शादी कर रहे थे मुगलों और राजपूतों के बीच एक जोधाबाई ही नहीं थी चौत्तीस अन्य शादियां हुई हैं जो इतिहास के पन्नो में दफन हैं,,,🤔
उन दिनों यही अहिरवाल ( रेवाड़ी राजवंश ) पंजाब के राजघराने आदि भी थे  लेकिन किसी ने अपनी बहन -बेटी-बुआ मुगलों को नहीं सौपी है इतिहास के पन्नों में ये बाते दब कर रह गई है कि जब मथुरा के मंदिरों और स्मारकों पर मुगलों ने छेड़छाड़ शुरु की तो आज के हरियाणा और दिल्ली और दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के आसपास के अहीरों,जाटों,गुर्जरों ने राजा शाहबाज़ रेवाडी बागी गोकुल जाट,राजाराम जाट आदि के नेत्रत्व में विद्रोह कर दिया था इस लड़ाई में मुगलों की सेना त्राहि -त्राहि कर रही थी तब उन दिनों राजपूताने के कुछ राजा अपनी रिस्तेदारी निभाने के लिए मुगलों के पक्ष में लड़े है तब इन बागियों की हार हुई है निश्चित रूप से इन लोगों को पुरस्कार के रूप में जागीरें और जमींदारियाँ मिली होगी कितनी मजेदार बात है आज अहीर, जाट, गुर्जर पिछड़े वर्ग में आरक्षण के लिए मर रहे हैं और ये फुआ लोगों के भतीजें और मानसिंह बीरबल और टोडरमल के नाती लोग बड़ी अकड़ से अपने को सवर्ण बताते हैं दूसरा उदाहरण जब छत्रपति शिवाजी के नेत्रत्व में मराठो ने मुगल वंश की नींव हिला दी तो राजा जयसिंह मुगलों की सेना के साथ लड़ा और शिवाजी को कैद होना पड़ा अब आज वही अकबर के नवरत्नों में शामिल पंडित बीरबल,
राजा मांनसिंह,राजा जयसिंह और टोडरमल के खानदानी लोग हम लोगों को राष्ट्रवाद तथा हिन्दू एकता पर प्रवचन दे रहे है,,,🎅

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