शहीद मातादीन भंगी

8 अप्रैल अमर शहीद मातादीन वाल्मीकि जी के 
         शहीद दिवस पर नमन   

     जबकि 1857 की क्रांति के असली जनक तो यही है !
ये न ,मंगल पांडे कॊ बताते कि जिस कारतूस कॊ वे अपनी दाँतों से खींचकर लगाते है ,दरअसल उसमे गाय /सूवर की चर्बी लगी होती है और न ही सैनिकों ने विद्रोह किया होता! इसी वजह से माता दीन वाल्मीकि जी को अंग्रेजों द्वारा 8 अप्रैल को फांसी पर चढ़ा दिया गया।
      अंग्रेजों की सरकार ने 1857 के विद्रोह का मुख्य आरोपी शहीद माता दीन वाल्मीकि जी को माना था और सैनिकों के खिलाफ विद्रोह का मुकदमा अंग्रेज सरकार बनाम शहीद माता दीन भंगी के नाम से चला था। इसका उल्लेख सरकारी गजट में भी मिलता है।

      न वो बताते ,न 1857 की क्रांति हुईं होती ? मंगल पांडे अंग्रेजों की सरकार में सिपाही की नौकरी करते रहते,वो देश के लिए नहीं अंग्रेजों की तरफ से लड़ रहे थे।

     शहीद  मातादीन वाल्मीकि जी कॊ सादर नमन🙏

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