विश्व नाथ प्रताप सिंह ( VP Singh)

दलितों ने विश्वनाथ प्रताप को मजबूर किया कि वे मंडल कमीशन लागू करें । अगर दलित आंदोलित नहीं होंते तो कोई भी  मंडल कमीशन सौ वर्ष में लागू नहीं करवा पाता  ।‌

इसका ज्वलंत प्रमाण है कि आज तक अपनी जाति की संख्या नहीं गिनवा पाये ,आज आजादी के 74 साल बाद भी ।‌

सोचिए 100 वर्ष में  कितने दिन बचे हैं ? 

लेकिन किसी ओबीसी को दलित आंदोलन का मजबूती को  एसर्ट और उद्धृत करते देखा है ? 

क्यों ? 

क्योंकि उनका मालिक ऐसा सोचने की इजाजत नहीं देता  ।

मालिकार की बेइज्जती ऐ कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं ।‌ दलित तो इन्हें भी अपना दुश्मन लगता है ।‌ 

मांडा के राजा और  भूतपूर्व राजर्षि श्री वी पी सिंह का कल जन्म दिन था । सभी अपने मलिकार को याद कर रहें हैं ।‌लेकिन दलित के रुप में हम क्यों उन्हें याद करें ? यह सवाल खुद से पूछ जवाब ढ़ूढ़िये ।‌

हमारा तो उनसे पुराना झगड़ा है ।‌

जब वे मुख्यमंत्री थे तो क्या राजा भैया से कम थे ? उन्होनें रास्ता काट पूरे गांव में आग लगना दी थी ।

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